मंदसौर - पार्षद कमल गुर्जर ने बताया कि आरोपी यवुक ने तोड़फोड़ किस नियत से की इसका खुलासा पुलिस ने नहीं किया और उसे छोड़ दिया। विरोध करने पर पुलिस ने आरोपी को फिर से गिरफ्तार कर लिया है।

Mandsaur Police released person who broke councilor car glass saying insane caught again after protest
विरोध के बाद पुलिस ने आरोपी को फिर किया गिरफ्तार।

मंदसौर जिले में बीती रात्रि पिपलियामंडी निवासी पार्षद कमल गुर्जर की कार के कांच एक व्यक्ति ने पत्थर मारकर फोड़ दिए। साथ ही घर के बाहर लगा सीसीटीवी भी तोड़ दिया। घटना के बाद युवक वहां से भाग गया, जिसे पार्षद और लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी युवक को विक्षिप्त बताकर छोड़ दिया। लेकिन, सुबह पार्षद समेत अन्य लोगों ने थाने पहुंचकर हंगामा किया तो पुलिस ने उसे फिर पकड़ लिया और न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।


जानकारी के अनुसार बुधवार बीती रात्रि 10.30 बजे चैपाटी के निकट अजय टॉकीज मार्ग पर स्थित पार्षद कमल गुर्जर के निवास के बाहर खड़ी कार का शीशा एक युवक ने तोड़ दिया। जब उसने देखा की वहां सीसीटीवी कैमरा भी लगा हुआ है तो उसने उसे भी तोड़ दिया। तोड़ फोड़ की आवाज सुन जब पार्षद गुर्जर मकान से बाहर आए तो उन्हें कोई नहीं दिखा, तभी कार की आड़ में अंधेरे में छिपे एक व्यक्ति को पकड़ा जो हाथ छुड़ाकर भाग गया। बाद में पीछा कर आरोपी को पकड़ लिया। 


पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपनी पहचान लाला उर्फ अक्षय पंडित, निवासी दलौदा, हाल मुकाम झोपड़ पट्टी पिपलियामंडी होना बताई। जिसे बाद में पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस उसे थाने पर ले गई, लेकिन उसकी विक्षिप्त जैसी हरकतें देखकर उसे छोड़ दिया गया। यह बात पता चलने पर पार्षद गुर्जर समर्थकों के साथ गुरुवार सुबह पुलिस थाने पहुंचे और तोड़फोड़ करने वाले युवक को गिरफ्तार नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी। 

पार्षद गुर्जर ने बताया कि आरोपी यवुक ने तोड़फोड़ किस नियत से की इसका खुलासा पुलिस ने नहीं किया और उसे छोड़ दिया। सूचना पर एसडीओपी नरेन्द्र सोलंकी भी पहुंचे, उन्होंने विरोध कर रहे लोगों को एक घंटे के भीतर आरोपी को पकड़ने की बात कही, तब विरोध शांत हुआ। टीआई नीरज सारवान ने बताया आरोपी को धारा 151 में गिरफ्तार कर लिया है, जिसे तहसील न्यायालय से जेल भेजने के आदेश हुए है।